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नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट द्वारा चर्चित अयोध्या भूमि विवाद पर शनिवार को फैसला सुना रही है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, डीवाई चंद्रचूड़, अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर की संविधान पीठ सुबह साढ़े दस बजे से अपना फैसला पढ़ना शुरू किया। 

Supreme Court verdict on Ayodhya


देश के संवेदनशील मामले में फैसले को देखते हुए देशभर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। मरुधरा न्यूज लाइव के जरिए हर अपडेट आप तक पहुंचाएगा। हर ताजा जानकारी के लिए यह पेज रिफ्रेश करते रहें।

Supreme Court verdict on Ayodhya

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस बात के प्रमाण हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले राम चबूतरा, सीता रसोई पर हिंदुओं द्वारा पूजा की जाती थी। अभिलेखों में दर्ज साक्ष्य से पता चलता है कि हिंदुओं का विवादित भूमि के बाहरी हिस्‍से पर कब्‍जा था।

 सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदुओं की आस्था और उनका विश्वास है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। हिंदुओं की आस्था और विश्वास है कि भगवान राम का जन्म गुंबद के नीचे हुआ था। यह व्यक्तिगत विश्वास का विषय है

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्‍य ढांचा इस्लामी संरचना नहीं थी।

- सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संदेह से परे है। इसके अध्ययन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अदालत ने निर्मोही अखाड़ा के दावे को खारिज किया। निर्मोही अखाड़ा का दावा केवल प्रबंधन का है। निर्मोही अखाड़ा सेवादार नहीं है।

जमीन पर रामलला का दावा बरकरार 

सुन्नी वक्फ बोर्ड को वेकल्पिक जमीन देने के निर्देश
 मंदिर निर्माण के लिए टरस्ट बनाने का आदेश 
अयोध्या में विवादित जमीन रामजन्म भूमि न्यास को देने के आदेश 

SC का कहना है कि विवादित जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जमीन थी।

-गोगोई ने कहा कि बाबरी मस्जिद मीर बाकी द्वारा बनाई गई थी। 

- सीजेआई गोगोई ने फैसले में कहा कि हम 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली शिया वक्फ बोर्ड की सिंगल लीव पिटिशन (SLP) को खारिज करते हैं।